तो कहानी शुरू होती है इंडिया के बॉर्डर के बाहर एक छोटे से गांव में जहां पर आसमान से एक बॉडी आकर पानी में करती है. एक छोटे से बच्चे का ध्यान उस पर जाता है और तभी उस body को गांव में ले आया जाता है. उस पर बहुत सारी चोटों के निशान थे इसलिए उसकी पूरी बॉडी पर पट्टियां लगा दी जाती है और उसका इलाज चलता है. कुछ महीनों बाद.
उस गांव में पास ही के पुलिस वाले वहां पर कब्जा करने के लिए पहुंचँच चुके थे और पूरे गांव के अंदर अफरातफरी मच जाती है और वो सभी बेरमी से उन गांव वालों को जान से मार रहे थे. वो गांव वाले एक देवता को पूजा करते थे और तभी वो उनसे गुहार लगाते हैं की किसी.
सुरमा को हमारी मदद के लिए भेजो और तभी हम देखते हैं की पटियों में बांदा शख्स जो की आज यूजुअल मूवी के सुपर हीरो यानी की शाहरुख खान है वोट खड़े होते हैं और आकर एक एकक की धुलाई टी कर डालते हैं और फाइनली बीइंग सुरमा उस गांव के लिए भगवान का स्वरूप बनकर हर किसी की जान बचा लेते हैं।. सच कहूं तो फाइटing वाकई में अच्छी थी, cgi भी बहुत ही बेहतरीन थे और फाइnलीy कoंक्लुजन ये निकलता है कि मारपीट तो दिया.
मगर.
वो शख्स को ये नहीं पता कि आखिर मैं हूँ कौन तब उसी गाँव में से छोटा लड़का आकर कहता है की मैं बड़ा होने के बाद ये पता जरूर लगाऊंगा की आखिर आप हो कौन और यहां से कहा आगे जाती है. तीस साल आगे एक मेट्रो ट्रेन में एक फैमिली बैठी थी और तभी.
आपस में कुछ लड़कियां एक दूसरे से बातचीत करती है और कहती है की अब वक्त ए चुका है और तभी हम देखते हैं कि टनल में जाने के बाद में ट्रेन वहीं रुक जाती है और यहां जो लड़कियां आपस में बातचीत कर रही थी हम व्यूवर्स को पता चला है की उन्होंने ही ये ट्रेन हाय जैक कारी है. फिर ग्रैंड एंट्री होती है शाहरुख खान की जो की कंट्रोल रूम में फोन लगवाकर ही कहता है की पु ट्रेन मैंने हigजैc करवा ली है. अगर इस ट्रेन में मौजूद छः सौ लोगों की जान बचानी है तो मेरी बातें माननी होगी. अब एक नेगोशिएटर को बुलाया जाता है और उनका नाम होता है नर्मदा.
हालांकि ट्रेन में पुलिस ऑफिसर भी मौजूद होता है जो की इन सभी की जान बचाने की कोशिश करता है मगर.
डगलू महाराज के आगे टिक नहीं पाता।. नर्मदा के फोन उठाने पर शाहरुख का कहना था कि मुझे.
एग्रीकल्चर मिनिस्टर से बात करनी है. अगर मेरी बात नहीं हुई तो पाँच मिनट के गाने के खत्म हो. जान के बाद में हर मिनट एक-एक शख्स की जान जाएगी. और अब नहीं चाहते हुए भी पुलिस हेड क्वार्टर में एग्रीकल्चर मिनिस्टर को आना पड़ता है. जहां पर शाहरुख का कहना था आपके एग्रीकल्चर के पूरे पाँच सालों में अभी तक.
दस हज़ार दौ सौ इक्यासी किस ने अपनी जान ली है आखिर ऐसा क्यों है की मर्सिडी स कर लेने पर सिर्फ आठ प्रतिशत का लोन है जबकि एक किसान अगर ट्रैक्टर लेने जाए तो उसे पर तेरह प्रतिशत का लोन है. अगर इन सभी लोगों की जान बचाना चाहते हो तो मैं एक अकाउंट नंबर भेज रहा हूं उसे पर चालीस हज़ार करोड़ ट्रांसफर कर दो जिस पर एग्रीकल्चर मिने इस तरह का कहना था की इतना पैसा तो हमारे पास नहीं है यहां जितनी भी ट्रेन की हाई जैक थी वो शाहरुख को के का अगर बुला रही थी तो के का एग्रीकल्चर मिनिस्टर से ये कहना था की अगर तुम्हारे पास नहीं है तो अपने किसी बिजनेसमैन दोस्त से ले लो.
आखिर तुमने इतनी बार उसे दोस्त की मदद भी तो कारी है तो आज उसकी बारी है तुम्हारी मदद करने की. और तभी हम काली का एक्वाड को देख पाते हैं. जो की इस वक्त एक फ्यूनरल अटेंड करने के लिए आया था. हालांकि उसे शख्स को मारा भी उसी नहीं था. उसके पास में दो गोलियां थी एक ब्लू और एक रेड.
ब्लू वाली तब लेता था जब उससे ज्यादा गुस्सा आता था और red वाली उसको देता था जिस पर गुस्सा आता था. अब sen ये था कि tran के अंदरित hacers मौजूद थी. उसी में से एक औरत लक्ष्मी जिसने कि आलिया नाम की एक लड़की को already ट्रेन के अंदर बिठवा लिया था. ये आलिया काली की बेटी होती है और उससे फोन भी लगवाया जाता है. काली को की भैया पैसे ट्रांसफर कर दो तो काली को चालीस हज़ार करोड़. इनके बताए गए अकाउंट पर ट्रांसफर करने पड़ते हैं जिस पर आलिया के को कहती है की तुम एक चोर हो.
जी पर के का कहना था की तुम्हारे आप से बड़ा चोर नहीं और हा घर जाने के बाद में अपने आपप को एक मैसेज देना और एक नाम बताना जो की था. विक्रम राठौर.
जी पर आलिया का कहना था की चोर वह नहीं च तुम.
और यहां परैकर में से एक लड़की जिसका नाम होता है कल की उसकी बैक स्टोरी दिखाई जाति है. उसके फादर एक किसान थे और आज वो एग्जाम देने के लिए निकली रही थी तभी बैंक के रिकवरी एजेंट उसके घर पहुंच जाते हैं. उससे बहुत ज्यादा मारपीट करते हैं और उससे चालीस हज़ार मांगते हैं. जी पर उसके किसान का कहना था की बारिश आई नहीं और जब आई तो पुरी फसल बर्बाद हो गई. मुझे दस दोनों का वक्त चाहिए ताकि मैं आपके पैसे चुका सकूँ।.
मगर वो रिकवरी एजेंट उसके साथ बुरा व्यवहार करता है, इनफैक्ट उसकी लूगीी तक उतार देता है और वो किसान अपनी फैमिली के सामने ही नंगा हो जाता है।. Sns को हालांकि ब्लर कर दिया गया था मगर स्टोरी थोड़ी सी सब पोर्शन में जा चुके थी अपनी बेटी का कहानी एग्जाम में बिगड़ जाए. इसलिए सबसे पहले वह किसान अपनी बेटी को स्कूल में परीक्षा देने के लिए भिजवाता है और अखबार में एक न्यूज़ रीड करता है की अगर किसान की मौत होती है तो उसके परिवार को दौ लाख रुपए मिलते हैं और इसी चक्कर में वो अपने आप को फैंसी लगाकर जान से मार डालता है. अगले दिन फिर से रिकवरी एजेंट उसके घर पर जाता है तो यह कल की की म मुझे कहती है की आखिर तुम हमारा ट्रैक्टर ले जा तो चुके थे फिर अब और किसी चीज के पैसे मांगने के लिए आया.
जी पर एजेंट का कहना था की हमें सूट तो मिल गया लेकिन बास नहीं मिला यानी की मतलब मोूल धन की रिकवरी हो गई मगर बास अभी भी बाकी है. वो एजेंट कल्कगी की मॉम का मंगलसूत्र तक उसके गले से तोड़ देता है. इस पर कल्कि को बहुत ज्यादा गुस्सा आता है और वो एक फावड़ा लेकर उस agent की जान ले लेती है और यही reason था कि अब उसने chief की कमांड को ज्वाइन कर लिया था।. नर्मदा जो की एक पुलिस ऑफिसर थी वो ये नहीं चाहती थी की इस ट्रेन में से.
सिविलियन के अलावा वह हाईजैकर्स भी बाहर निकले इसलिए वो अपनी पूरी टीम को तैनात कर देती है वहां पर और उनके निकालने का इंतजार करती है. मगर मनी हाईस्ट की तरह यहां पर के ने ऑलरेडी सभी को खुद की तरह मम्मीज वाला मास्क लगाकर ट्रेन से बाहर निकाल दिया था और खुद भी उसे ट्रेन में से बाहर निकाल गया था. हालांकि यहां पर मैंने क्वींस को हाथ में मशीन गण देकर छोड़ दिया था ताकि पुलिस वालों को यह लगेगी. हाई जैक सभी भी ट्रेन में है और बहुत सारी गोलीबारी होती है. मगर वो तो इनकी आँखों के सामने ही बचकर निकल कर जा चुका था और जो चालीस हजार करोड़.
काली ट्रांसफर हुए द उसे सात लाख इंडिया के किसानों में बांट दिया जाता है जिनके ऊपर कर्जा चल रहा था।. इस बात की सारी informatin.
नर्मदा आकर काली ग ायcad को देती है जिस पर वो अपने बाकी सभी लोगों को यानी कि जिसमें उसका भाई और उसका जीजा भी शामिल था उसेसे कह रहा था की शांति रखो थोड़ा सा वक्त आने पर हम इसे पकड़ लेंगे. मीन ब वाले हम के को देख पाते हैं जो की अपने फेस से अपना मास्क उतरना है और हमें भी पता चला है की वो तो बहुत ही ज्यादा जवान है. जवाली अपने पिता के पास वापस आई है तो कहती है की मेरी जान तो बैक गई मगर जिसने मुझे किडनैप किया था उसने आपके लिए एक मैसेज छोड़ था और वो है विक्रम राठौर. यह नाम सुनकर एकदम से काली अपने फ्लैशबैक में चला जाता है और थोड़ा सा टेंशन में भी ए जाता है। वहीं दूसरी तरफ हम के को देख पाते हैं जो की इस वक्त बेलम वाड़ा महिला पुलिस ठाणे का इंस्पेक्टर होता है और इनके ठाण को वर्ल्डवाइड.
सोशल क अच्छे करने के तोर पर एक इना भी मिलता है जहां पर जय में रहने वाली सभी महिलाएं बच्चों के स्कूल की ड्रेस बनाया करती थी और हैंडकैंप बच्चों के लिए डुप्लीकेट लिम्स बनाया करती थी. डुप्लीकेट लिम्स का मतलब होता है नकली हाथ पर.
जिसके बाद मूवी का फेमस गाना आता है जो कि मैं हर बार की तरह स्किप कर डालता हूं और सीधे हाथ हैं एक मूवी की स्टोरी लाइन पर चीफ की एक मुंह बोली मां भी होती है जिनका नाम होता है कावेरी अम्मा और वह से आजाद कह कर बुलाती है और कहती है कि अब तो बहुत ज्यादा टाइम हो गया तो्ह मैं शादी कर लेनी चाहिए और इस बार की तरह तुम उस लड़डकी को रिजेक्ट नहीं करोगे और जब वो लड़डकी दिखाई जाती है तो वो होती है मैं शायद छः या सात साल की बच्ची. और वो कहती है की मैं अपना पापा ढूंढ रही हूं.
लड़की से मुलाकात तुम्हारी तभी होगी जब मैं पुरी तरीके से सेटिस्फाई हो जाऊंगी की क्या तो मेरे पापा बनने के लायक हो भी या फिर नहीं. खैर बच्ची जो ली गई थी काफी चुलबुली और काफी क्यूट थी लेकिन आप पढ़ने में थोड़ी डफर द आई होप की इस विडियो को जो बच्चे देख रहे हो वो ज्यादा डफर नहीं हो. इस बच्ची का नाम था सूजी जो कि क्लास में एक सब्जेक्ट को छोड़कर बाकी सब में फैल हो गई थी. आईhप कि जो ये वि वीडियोिय देख रहे हैं उनमें से ऐसा कोई भी नहीं होगा और शायद सारे के सारे पास हो गए होंगे अपने एग्जाम्स में. और अगर कोई फेल हो गया हो तो यार कमेंट से में सच्चाई से बता देना. हो सकता है की बाकी कमेंटर्स की सिंपति आपको मिल जाए. ओके जोक्स अ पार्ट कमिंग बैक.
सूजी की मॉम जो निकलते है वो होती है नर्मदा जैसेे देखकर एक बार तो खुद आजाद चौक जाता है पर उसे अपने जो मिशन करने थे वो उनसे पीछे नहीं ह सकता था और फाइनली इन दोनों के बीच में हान हो जाती है. यानी की ऑलमोस्ट शादी के लिए ये दोनों तैयार हो जाता है.
नर्मदा की बैक सूरी होती है कि यह शहर से बाहर पड़ने के लिए गई होती है. इसे एक लड़के से प्यार हो जाता है. रिलेशनशिप के अंदर वो प्रेग्नेंट भी हो. जाति है मगर.
जब बात शादी की होती है तो वो बांदा कहता है की जब तक अबॉर्शन नहीं करaवाओगी मैं शादी नहीं करूंगा. तो यहां पर नर्मंद ने उसे रिलेशनशिप को ही छोड़कर अपनी बेटी यानी की होने वाली बच्ची को चुनाव. और इसी वजह से आज तक उसे बच्ची ने अपने आप को कभी देखा ही नहीं. और यही रीजन है की आज वो बच्ची.
अपने पिता को खोज रही है अगेन गाने गाने आते हैं बट आजuजuअल स्किप डी पार्ट। अब हमारे के का अगला टारगेट था हेल्थ मिनिस्टर जो की बड़ी-बड़ी बातें कर रहा था. यह कह रहा था कि आजकल के गवर्नमेंट हॉस्पिटल्स में नई टेक्नोलॉजी वाली मशीन, बढ़िया एजुकेटेड डॉक्टर्स, ढेर सारा स्टाफ और बहुत सारी मेडिकल फैसिलिटी अवेलेबल है. अगर आज की तारीख में मुझे गोली भी लग जाए तो किसी प्राइवेट हॉस्पिटल में मत लेकर जाना, पास ही की किसी गवर्नमेंट हॉस्पिटल में ले जाना. मेरे लोग मेरी जान बच्चाई लेंगे और तभी दूर से उन.
हाय जैक में से एक स्नाइप पर आकर उसके कंधे पर शूट कर देती है तभी देर सारी गाड़ियां उसे मंत्री जी को बचाने के लिए आती है और एक की जगह दो एंबुलेंस आती हैं. सभी को लगता है की एंबुलेंस के अंदर हेल्थ मिनिस्टर बैठे हुए हैं और उन्हें फटाफट से प्राइवेट हॉस्पिटल लेकर जय जाता है. मगर पता चला है की जो दूसरी वाली एम्बुलेंस आई थी उसके अंदर मंत्री जी को किडनैप करके कहानी और ही ले जया जा चुका है और वो जगह होती है पास ही का एक गवर्नमेंट हॉस्पिटल जहां पर कोई भी फसिलिटी अvilable नहीं थी ना ही व्हलr ना ही गैस मास्क.
ना ही अच्छे eupmens और ना ही अच्छे.
डॉक्टर तो डॉक्टर कहते हैं कि भैया मैं तो इनकी जान नहीं बचा पाऊँगा, कम से कम मुझे चार तो डॉक्टर लगेंगे. उसके ऊपर से बहुत सारी मेडिकल किट लगेगी और तीन कर बड़ी-बड़ी मशीन लगी और ये साड़ी चीज रिकॉर्ड करवा के मतलब अपनी डिमांड्स की तरह अगेन.
नेगोशिएटर से बातचीत करता है. जी पर नेगोशिएटर का कहना था की आखिर मंत्री जी की जान बचानी है तो ठीक है हम तुम्हारी बातें मान लेते हैं. लेकिन यहां पर ट्विस्ट ये था की शाहरुख खान को सिर्फ इसी वाले हॉस्पिटल में नहीं बल्कि इंडिया में जितनी भी गवर्नमेंट हॉस्पिटल्स हैं उसमें ये सारी की सारी facilities चाहिए थी. ये सुनकर नर्मदा मना कर देती है जिस पर chaiफ का कहना था की मुझे की जॉर्ज से बात करवाओ वही इस प्रॉब्लम का सॉलूशन निकाल कर के देगा।. अब जबकि जॉर्ज से बात करवाई जाती है मिनिस्टर साहब की तो जोश प्रॉब्लम में आ जाता है क्योंकि.
आज से कुछ साल पहले पचास बच्चे एकदम से जान से मारे गए थे. बेसिकली शहर के अंदर एक जहरीली गैस फैल गई थी और उस वजह से कोई भी बच्चे सांस वगैह नहीं ले पा रहे थे. ऑक्सीजन सिलेंडर भी हॉस्पिटल्स में खत्म हो चुके थे और डॉक्टर थी इराम नाम की एक लड़की. इराम अपने के जोॉश यानी की अपने जो डीन वगैरह थे उनको फोन लगाकर बताती है कि अगर जल्दी से ऑक्सीजन सिलेंडर यहा पर नहीं है तो छोटे बच्चों की जान खतरे में पड़ जाएगी. मगर जॉश का कहना था कि एक penyle की bottal तक भी किसी हॉस्पिटल में आती है तो उसका comission भी नीचे से लेकर ऊपर तक जुड़ा होता है. जिस पर erm का कहना था कि मैं health मिनिस्टर से आपकी शिकायत करूँगी तो.
जोॉश का कहना था कि हेल्थ मिनिस्टर तक जाओगी तो उसका तो और भी बड़ा कमीशन होगा. वो तुम्हें पूरा लूट कर खा जाएगा. बटर यही रहेगा कि इंतजार करो. जब तक सारी फॉर्मेलिटीज कम्पलीट नहीं होती, हर किसी को हर किसी का कमीशन नहीं मिल जाता तब तक कोई भी सिलेंडर सिलेंडर नहीं मिलेगा. और जब तक ई हम बात कर अपने हॉस्पिटल में वापस आई है तब तक वो सारे बच्चे मारे जा चुके थे. और नेक्स्ट दे कोर्ट के अंदर eराm पर ही agintcस हो जाता है की वो.
अस्पताल में ड्रग्स के नश में थी और सारे बच्चों की जान ऑक्सीजन की वजह से नहीं बल्कि उसके ड्रग्स की हालत की वजह से हुई. और जब ये सारी सच्चाई jos टीवी पर बताता है तो.
Unfortunately उसे सारे accodp करने पड़ते हैं और जितनी भी गवर्नमेंट हॉस्पिटल होते हैं उसके अंदर अच्छे surgion, स्टाफ, मेडिकल फैसिलिटी और बड़ी equipments proवide कर दिए जाते हैं. यानी कि जो काम पिछले दस सालों में heal्th मिनिस्टर ने नहीं किया था वो सिर्फ पाँच घंटों में हो गया।. अब लास्ट टाइम की तरह इस बार भी नर्मदा चाहती थी की भैया ट्रेन वाले हाथसे के टाइम पे तो वो हाथ से निकाल गए थे मगर इस बार मैं इनको हॉस्पिटल से निकालने नहीं दूंगी तो ये अपनी पुरी टीम लेकर वहां उन पर हमला बोलने के लिए पहुंच जा जाती है. यहां पर अगेन बहुत कड़क फाइट होती है. गबीआई वसे गुड इस बार बॉलीवुड ने.
बढ़िया काम किया है।. खैर, इसे बॉलीवुड नहीं कह सकते हैं. इसे ऑलमोस्ट बॉलीवुड कह सकते हैं क्योंकि खाली शाहरुख खानी है जो अपने बॉलीवुड से बिलॉन्ग करते हैं. बाैककी स्टोरी लाइन थोड़ा सिनेोमोटोग्राफी बाकी कास्ट क्रू्व साउथ से ज्यादा सिमिलर लग रहे हैं।. तो इस मूवी को सॉलीवुड कहा जा सकता है. खैर.
आपका इस पर क्या कहना है कमेंट stion में एक बार जरूर बताइएगा।. अब फाइट तो अच्छी खासी लंबी थी direेक्ट shot में निपटाते हैं. आजाद के फेस पर जो मास्क लगा हुआ था नर्मदा ने उसे मास्क को खींच लिया था और उसकी कुछ बाल उसके अंदर आ गए थे।. डीएनए टेस्ट पर पता चलता है की ये तोwग लगा रखखी थी और अब.
क्योंकि बाल मिक्स हो चुके हैं तो एज का पता नहीं लगाया जा सकता. माइंड भी हो सकता है की पच्चीस का हो, पैंतीस का हो या फिर पैंतालीस का हो तो इसे चेक करने में थोड़ा टाइम लगेगा जिस पर वो स्केचर्स को बुलाते हैं और तीनों ही पेंटिंग्स बनवाने के लिए आर्डर पास करवाते हैं. और वहीं अगले दिन होती है आजाद और नर्मदा की शादी जहां पर वो ईरानी यानी की सुनील ग्रोवर को कहकर जाती है कि अगर sketch बन जाए तो मुझे phone कर देना।. अब एक तरफ जहाँ पर आजाद ये सोच रहा था कि मैं आज शादी की रात को साड़ी सच्चाई बता.
दूंगा कि वो चूड़ियां करने के पीछे का rजन क्या था, पूरा मास्टर प्लान किसका था और आखिर इन सबके पीछे में शामिल क्यों हूं? क्या वगैरा रीजन है बट मीनवाइल नर्मदा के पास में इरानी की तरफ से भेजे गए स्केचेस मिल जाते हैं. जिसके अंदर हूबहू वही शकलि जो की आजाद की थी. तो यहां.
नर्मदा सीधा आजाद को गली मार देती है. अब यहां पर इनकी बातचीत. इन की फाइट खत्म होती मगर उससे पहले वहां पर दूसरे गुंडे भिजवा दिए गए होते हैं काली के थ्रू और ये इनको पकड़ कर ले जाते हैं. दोनों की खूब धुलाई, पिटाई होती है, मतलब कि शाहरुख की भी होती है और नयनतारा की भी होती है।. तो जो काली का भाई होता है वो कहता है कि वहह भाई पति जो है वो planng बना के पैसा निकलवाने की बात करता है और पत्नी जो है पैसा निकलवा कर दे देती है और फिर इन्हें छोड़वा भी देती है. तो अब तो दोनों कुटेंगे और जो आजाद की जो टीम थी वो basicaly सारी की सारी prisiners थी तो वो होती तो अब.
जa के अंदर है और जब तक वो यहां पहुंचती तब तक तो उनका खत्म हो चुका होता तो अभी नहीं बचायागा. कौन और फिर होती है ग्रैंड एंट्री ऑफ अगेन शाहरुख खान इन डी वल्ड वर्जन जो की होते हैं विक्रम राठौ. वह सीन शूफ्ट होता है विज सेधुपति पर यानी की काली का एक्वाड. इस वक्त वो एक आम डीलर है और एक बड़ी डील के चलते एक दूसरे आम डीलर के साथ में डील कर लेते हैं और ये डील कोई छोटीमोटी नहीं होती है. आराम से लाखों करोड़ की डील होती है. खैर अब जाए एक तरफ विक्रम राठौ अपने बेटे यानी आजाद राठौर को बचाकर ले जाता है वहीं.
दूसरी तरफ नर्मदा अपनी पुलिस टीम में वापस आ जाति है और सभी कोई ये बताती है की भैया चोरियों के पीछे विक्रम राठौर और आजाद राठौर के मिलकर के हाथ है और इनकी जो छ लड़कियों की टीम है वह जेल के अंदर है. मैंने उनके फेस भी देख ली है और मैं जान भी गई हूं कि वह कौन-कौन लड़की हैं मगर.
विक्रम की लोकेशन निकलवाने के लिए मुझे लड़कियों से बात करनी पड़ेगी. इसलिए ईरानी यानी की सुनील ग्रोवर उसकी कॉलर पर एक माइक लगाकर उन लड़कियों के पास भिजवा देता है. अब नर्मदा उन सभी छह लड़कियों के बीच में आकर सभी के झूठ झूठ कहती है कि आजाद एक अच्छा इंसान नहीं है बल्कि एक चोर है, एक लुटेरा है. उसने मेरे साथ धोखा किया और अब मुझे भी जयल में डाल दिया गया है और वो तुम्हारा भी यूं ही इस्तेमाल कर रहा है और तुम्हें भी एक दिन यूं ही खत्म कर दिया जाएगा।. जहाँ पर लक्ष्मी बताती है कि ऐसा नहीं है और यहाँ से कहानी gin past में चली जाती है. अब हम विक्रम राठौड़ की पास स्टोरी देख पाते हैं. ये जो.
विक्रम राठौड़ है. ये स्पेशल ऑफिसर है मतलब की कमांडो की टीम के. इन्हें प्यार हो जाता है दीपिका पादुकोण से यानी की ऐश्वर्या से. इनकी कमांडर से इनके पास खबर आई है की पासी के टेररिस्ट ग्रुप ने हमारे करीब चालीस जवानों की ऐसी की तहसी कर दी मतलब की तीनत्तीस तो जान से मार डेल दो घायल करवा दी और छ को अगवा करके रख लिया और के पास में उन.
सुपर कमांडोज के अलावा और भी नॉर्मल सिविलियन मौजूद हैं जो की उनके गिरफ्ता में है. तो मैं स्पेशल ऑफिसर जो तुम लोगों हो अब इनके ग्रुप का नाम था अग्नि। मैं अग्नि ग्रुप को ये कमांड्स देता हूँ की जाओ और जाकर के उन सभी को बचाकर के लेके आओ क्योंकि तुम ही लोग हो जो की उनका सामना कर सकता है. अब ये लोग अपनी गण वगैरा लेकर पहुंच जाते हैं सामना करने के लिए. स्टार्टिंग में तो वो गण सही कम करती और बाद में गण चलना ही बैंड हो जाति है. सारे के सारे ऑफिसर अपनी गण की वजह से परेशान होते हैं. लाड नहीं पाते और खुद बी खुद घायल होते रहते हैं. मगर.
आते डी इनकी फाइटिंग स्किल्स अच्छी थी और इसी के चलते ही वहां पर धमाके करवा कर उन सभी टेरिस्ट को खत्म कर देते हैं और अपने बाकी सभी सोल्जर्स वगैरा की जान बचाकर ले आते हैं. इस मिशन को कंप्लीट कर लेने के बाद में जब मेडल वगैरा मिलता है तो विक्रम राठौर का कहना था की मेडल तो आज मिल गया लेकिन ये मुझे बहुत भारी महसूस हो रहा है क्योंकि इन मेडल के पीछे हमारे कई सारे जवानों की जान गई है और रीजन ये नहीं था की उनकी ट्रेनिंग कंप्लीट नहीं होती. रीजन ये था की जो.
गंज हमने लेटेस्ट lot वाली use कारी थी जो की mi तीन के नाम से थी वो सारी की सारी guns बेकार थी और फाइट के दौरान चली नहीं रही थी. तो कमांडर जो है पूछताछ करवाते हैं की भैया ये वाली सप्लाई किससे आई थी तो मालूम चलता है कि काली गायकवाड ने इन्हें यह वाला लॉट सप्लाई किया था।. तो अब.
एक मुकदमा चलता है जहाँ पर ये दोनों ही ग्रुप मतलब कि armsdलर काली का एकqwad और वहीं पर special officer विक्रम राठौ आमनेसाम बैठे होते हैं।. विक्रम का कहना था तुम्हारी गन चलती नहीं है जबकि काली का कहना था कि तुम लोगों को चलानी नहीं आती है. मैं बढ़िया वाले मेरे ऑफिसर भेजूंगा और वो तुमको चलाना सिखाएंगे. बाकी जिन लोगों की मौत वगैरा हो गई उनका पैसा मैं दे दूंगा. डील करते हो तो आता है विक्रम को गुस्सा. वो कहता है की भाई क्या तुम्हारा कहना क्या है की.
बंदूक जल्दी नहीं है. चलो मुझे बताओ इसका प्रोसीजर क्या होता है. मैगज़न डालते हैं फिर सेफ्टी लोग ओपन करते हैं उसके.
बाद में हम करते हैं और फिर.
शूट कर देते हैं. राइट बोल हां एकदम सही किया हो. जैसे शूट करता है तो निशाना बादकर काली गे को और बार कर देता है. वो बेचारा डर जाता है. मगर खराब बंदूक जो होती है वो यहाँ पर भी नहीं चलती है। जिस पर जज को ये अपना order देना पड़ता है कि काली गायक्वाड के जो.
लेटेस्ट जितने भी कॉन्ट्रैक्ट हमने लिए हुए थे वो होल्ड पर डाल दिए जाएंगे. और जितनी भी फैक्ट्री में अभी जो बन चुकी है. गंज उनको टेस्टिंग किया जाएगा. और अगर.
खराब निकलते है तो पहले तोbैन करेंगे और उसको जे में डालेंगे. रात को जब विक्रम राठौर अपने घर पहुंचता है तो दीपिका के साथ अपने मतलब कुछ स्पेशल मूवमेंटt स्पेंड करने ही वाला होता है. तभी कुछ गुंडे अगर पहले तो उनके कुत्ते को जान से मार देते हैं और फिर उन दोनों पर ही हमला बोल देते हैं. Ausual वो होता है काली का एकक्वाड. उसका कहना था कि तू मुझ पर केस करेगा अब मैं तेरेको ऊपर का रास्ता दिखाता हूँ।. अब होता ये है कि विक्रम को तो ये लोग अपने साथ ले जाते हैं और पीछे बचती है ऐश्वर्या. उसके घर पर तीन police वाले भेज दिए जाते हैं और ये बताया जाता है की तुम्हारा पति देशद्रोही है उसके.
घर से देर सर ड्रग्स, बहुत सर पैसा और नकली गंज बरामद हुई है उसे तो सजा मिलेगी लेकिन अगर तुम सजा से बचाना चाहती हो तो इन डॉक्यूमेंट पर साइन कर दो. मगर ऐश्वर्या इस बात को जानती थी की विक्रम ने कोई गलती नहीं कारी और वो उन्ही तीनों को जान से मार देती इसी.
चक्कर में उसे जेल हो जाती है जेल में ले जाने के बाद उसे फांसी की सजा दी जाने वाली होती है मगर तभी पता चलता है की वो प्रेग्नेंट है और इंडियन डॉॉ के अकॉर्डिंग. अगर कोई लेडी पाँच ही से पहले प्रेग्नेंट है तो उसे ये रियायत मिलती है की उसका बच्चा जब तक पैदा होकर के पाँच साल का नहीं हो जाता तब तक उसे फांसी नहीं दी जाए यहां पर.
जय में उससे मुलाकात करने के लिए अगेन काली भी आता है. और यहां पर एक बहुत ही फनी कनर्सेशन होता है काली.
बताता है कि जब फांसी देते हैं ना तो ऐसे आँखें बाहर आ जाती है जीव लटक जाती है और चटक से फाटक मौत हो जाति है जी. पर ऐश्वर्या का पूछना था की आखिर विक्रम कहां पर है? अब.
यहां विक्रम को भी देख पाते हैं जहां पर काली ने ऑलरेडी विक्रम को मारपीट कर ऑलमोस्ट खत्म करने लायक छोड़ दिया होता है और और में साइन में पांच गली ठोक कर वो उसे प्लेन से फेक देते हैं. यानी की ये वही स्टार्टिंग वाला सीन होता है जब.
एक लाश गांव के किनारे उनको मिलती है. अब यहां जय की उन पांच सालों में क्या होता है. यानी की वो प्रेग्नेंट से पहले डिलीवरी करके एक बच्चा पैदा करती है. उसका नाम वो आजाद रखती है. वह आजाद पूरी जेल के अंदर घूमता फिरता रहता है. जेल के लोग उसका परिवार बन जाते हैं. और जैसे ही पाँच साल का वो लड़का होता है, मतलब आजाद तो उसकी.
मामो से कह कर जाती है की तुम्हें अपने पिता का नाम रोशन करना है विक्रम राठौर तुम्हारे पिता का नाम है उन्हें देश द्रोही करार दिया गया था और तुम्हें उनके सर पर लगाए दाग हटाना है. मेरा तुमसे आखिरी अलविदा है और अब.
से मेरे बाद में तुम्हारा ध्यान कावेरी अम्मा रखेगी और ये कहकर वो चली जाती है. जिसके बाद ऐश्वर्या को फांसी दी दी जाती है वो भी आजाद के सामने और ये देखकर वो बेचारा वह बेहोश हो जाता है।. कहानी again प्रeseंटt टाइम में आती है जहां पर अब ये सारी सच्चाई नर्मदा को पता चल चुकी होती है और अब वह डिसाइड करती है की वो.
आजाद का साथ थी मगर.
ईरानी जो की पुलिस टीम में उसके साथ में था वो डबल क्रॉस कर जाता है और बताता है कि मैं तुम्हारे लिए काम नहीं करता मैं तो काली ग के लिए कम करता हूं और अब तुम सब मारोगे. अब यहां पर अगेन इन सब के बीच में बहुत ज्यादा फाइट वगैरा स्टार्ट हो जाति है मगर लास्ट मोमेंट पर यहां पर आजाद पहुंच जाता है. हालांकि वो नर्मदा को बचाने में कामयाब तो हो गया था मगर लक्ष्मी जान से मारी जाति लक्ष्मी को जान से बचाने की काफी कोशिश कीति है. मगर अभी ये छह लड़कियों की टीम सिर्फ पांच में बादल चुकी थी. जहां पर नर्मदा कहती है की तुम्हारी छह की tem छह ही रहेगी क्योंकि अब मैं भी तुम्हारे साथ हूँ और अब.
इन सभी का अगला मिशन था आम डीलिंग के बाद में जो बहुत सारा पैसा काली गायकवाड के पास आने वाला है उसे कैसे भी करके रोके क्योंकि अगर वो पैसा इसके पास आ गया तो इलेक्शन में खड़ा हो जाएगा और जिसके पास इलेक्शन की पावर है यानी की.
नेता बने की पावर है वो इस.
देश को ही चलने लग जाता है. तो नेक्स्ट डे यहां पर काफी प्लानिंग इन प्लाटिंग के साथ में जो पैसा काली गायक्वाड का बड़े-बड़े कंटेनर्स में जा रहा था ये सभी उन कंटेनर्स को रोकने की कोशिश करते हैं यहाँ पर.
बहुत ही बढ़िया fाइting वगैरह भी होती है, car चhaज भी है, bike चेंज भी है. धड़ाम धड़ूम, गोलियां, गोली सब कुछ है तो खैर फाइट को इतना ज्यादा एक्सप्लेन नहीं करेंगे. सीधा हाथ है कंकुजन पर।. पैसों को चुराकर ले जाने में आजाद तो कामयाब हो जाता है मगर गलती से विक्रम राठौड़ ग जाता है. काली के अब यहां पर उसकी खूब धुलाई टी होती है वही हम देखते हैं. आजाद ने अपना एक नया वीडियो अपलोड कर दिया जिसमें.
वो ये बताता है की बेलम वाड़ा महिला थाना हमारे कैद में है हमने यहां की छः हज़ार कैदियों को बंदूक की नोक पर रखा हुआ है और हमारी मांगों को पूरा करवाने के लिए कोई नएगोशिएटर बुलाओ. अब इस बार जो nigoshiator था वो बुलाया जाता है संजय दत्त को जो कि बहुत ज्यादा कड़क होता है और वो कहता है कि भैया मैं तो इनकी बातें नहीं मानूंगा, मैं तो सीधा हमला कर पाऊँंगा।. अब एक पुलिस फोर्स कोम सोल्जर्स होते हैं, उन्हें अंदर भेज दिया जाता है. मगर यहां पता पड़ता है की उन सौ सोल्जर्स के सामने छह हजार गर्ल्स मतलब औरतें वगैरह खड़ी थी जिनके हाथों में already बंदूक थी और अब नहीं चाहते हुए भी उस नेगोशिएटर यानी कि संजय दत्त को आाद की बातें माननी पड़ती है जिसमें.
आजाद का कहना था कि एक तरफ जहांँ काली का एक्वाd का पैसा जा रहा था वहीं दूसरी तरफ इलेक्शन के लिए वोटिंग मशीन भी जा रही थी तो मेरे पास पैसा भी पड़ा है और वोटिंग मशीन भी पड़ी है. लेकिन इनको रिलीज करने से पहले मेरी ये छोटी सी रिक्वेस्ट है कि इंडिया के अंदर दौ सौ तिरेपन ऐसी फैक्टरीज हैं जिनसे निकली हुई हवा वायु को प्रदूषित कर रही है और निकला हुआ पानी वाटर को पल्यूट कर रहा है और उसकी.
पूरी गैसेस पूरे शहर की ऐसी की तैसी कर रही है तो सबसे पहले उन पर बनन लगाया जाए. अब यहां पर जो कमिश्नर होते हैं वो बहुत बड़ी मीटिंग बिठते हैं और उनका मानना होता है की क्या करें भाई लगे की नहीं लगे लेकिन ये हर बार जो नेगोशिएटर अपनी मांगे रखते हैं वो खुद के फायदे के लिए रखते हैं. इस बार ये देश के फायदे की बात कर रहा है. तो चलो उन सारी की सारी कंपनी पर बनन लगा दिया जाए. और ऐसा करके उन दौ सौ तिरेपन फैकक्टरीज पर बन लगा दिया जाता है जो की शहर की ऐसी की तैसी कर रहे थे मगर.
जातेजाते आजाद अपना असली चेहरा सभी लोगों के सामने refeel करता है और बताता है कि मैं विक्रम राठौड़ नहीं हूँ. मैं आजाद राठौरड़ हूँ और मेरी सिर्फ govenment से नहीं बल्कि इस भारत देश में रहने वाले सभी लोगों से एक छोटी सी गुजारिश है की ये जो उंगली है इसका सही से इस्तेमाल करें. एक पाँच घंटे चलने वाली मॉस्किटो कोल तक को खरीदने से पहले हम पांच सवाल पूछ लेते हैं की क्या ये बदबू तो नहीं देगी? क्या मच्छर मारेगी की नहीं मारेगी कहानी इसको कमरे में लगाने के बाद ज्यादा धुआं तो नहीं हो जाता तो फिर पाँच साल चलने वाली सरकार पर हम उंगली क्यों नहीं उठाते? इसलिए मेरा आप सभी से कहना यह है की सरकार चुने से पहले उनसे क्वेश्चन पूछो की अगर.
मैं तुम्हें चुन हूं तो क्या मेरे परिवार को गवर्नमेंट फैसेलिटीज मिलेगी, मुझे जॉब मिलेगी या फिर अस्पताल में हमें दवाइयां वगैरा प्रोवाइड होंगी. आगे आने वाले सालों में तुम देश के लिए क्या करोगे? ये सवाल.
उनसे पूछो खैर ये कहानी का थोड़ा सा पटोटिक सीन था थोड़ा देशभक्त. जवान दिखाने के हिसाब से तो आप लोगों से भी मेरा यही छोटा सा क्वेश्चन है की आप कौन सी गवर्नमेंट को सपोर्ट करते हैं. बीजेपी.
या फिर कांग्रेस कमेंट क्षेत्र में बताना मत भूलिएगा. खैर एक तरफ जहां सारी की सारी बातें कंप्लीट हो जाती है, वहीं.
पर अग्नि ग्रुप का एक मेंबर काली को सारी सच्चाई बता देता है कि इस वक्त आजाद कहाँ पर होगा और ये सभी पहुँच जाते हैं उसी महिला थाण में. अब यहां पर सभी के बीच में अगेन बहुत ज्यादा मार्कटाई होती है. काली के पास में उसका एक बॉडीगार्ड होता है जिसकी हाइट ऑलमोस्ट खाली जैसी होती है. वो उन सभी को उठाौटाकर फेंकता है. मगर आते डी. विक्रम राठौर और आजाद राठौर यह उन सभी को बहुत मारते हैं और काली को उस.
तरीके से फांसी दी जाती है यानी की आंखें बाहर ए जाना, जी बाहर ए जाना और झटक फाटक से मौत हो जाना और इसी.
के साथ यह बेहतरीन कहानी यहीं पर खत्म हो. कहानी अच्छी लगी हो तो लाइक कर देना और अगर नहीं लगी हो तो थिएटर में जाकर देखना, अच्छा मजा आएगा. पैसे वसूल हो जाएंगे और अगर फिर भी मजा नहीं आय तो हितेश नगर चैनल पर और भी कम से कम पाँच सौ पचास वीडियो हैं उनको देखकर मजे कर लेना और हां जाने से पहले सब्सक्राइब किएये बिना मत जाना. क्योंकि जवान को एक्सप्लेन करने का मतलब है एकदम कॉपराइट स्ट्राइक को सामने से रिस्क ले लेना।. तो अगर रिस्क उठाइए तो थोड़ा बहुत मेरा भी फायदा कर दो बेल आईकॉन को प्रेस करते हुए जाना क्योंकि अगर बेल आईकॉन प्रेस नहीं करोगे तो फिर अगली आने वाली नोटिफिकेश नहीं मिलेंगे. तब तक के लिए की वाचिंग एे से मिलते हैं, अगले.
वीडियो में.
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